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आचरण संहिता

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बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कर्मियों के लिए आचार संहिता।

1. प्रस्‍तावना

1.1 हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जिसे यहाँ इसके बाद 'कंपनी' के नाम से संबोधित किया जाएगा) के बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के लिए आचरण संहिता।

1.2 इस संहिता का उद्देश्य कंपनी कार्यों मे नैतिक और पारदर्शी प्रक्रिया में संवर्धन करना है।

1.3 वर्तमान में कंपनी की 'अधिकारियों के लिए आचरण, अनुशासन और अपील नियम' ("सीडीए नियमों"), गैर पूर्णकालिक निदेशकों को छोड़कर, पूर्णकालिक निदेशकों सहित कंपनी के सभी अधिकारियों के लिए आचरण पुस्तिका है। बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ प्रबंधन कर्मियों के लिए आचार संहिता विशेष स्टॉक एक्सचेंजों के साथ सेबी के (5 ए और बी) के विनियमन 17 (लिस्टिंग दायित्वों और प्रकटीकरण आवश्यकताओं) विनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुपालन है। पूर्णकालिक निदेशकों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के संदर्भ मे इस कोड को संहिता के सीडीए नियमों के साथ पढ़ा जाना चाहिए।

1.4 यह 1 जनवरी, 2006 से लागू होगी।

2. परिभाषाएँ एवं व्याख्या

इस संहिता मे अर्थ और संदर्भ के प्रति स्थिति न होने पर,निम्न अभिव्यक्तियों को नीचे दिए गए अर्थ के अनुसार पढ़ा जाए।

2.1 'बोर्ड के सदस्य' का अर्थ कंपनी के निदेशक मंडल के निदेशक है।

2.2 'पूर्णकालिक निदेशक' से तात्पर्य है वे बोर्ड के सदस्य जो कंपनी में पूर्णकालिक आधार पर नियोजित हैं।

2.3 'गैर- पूर्णकालिक निदेशक' से ताप्तर्य है वे बोर्ड के सदस्य जो अंशकालिक निदेशक है और कंपनी में पूर्णकालिक आधर पर नियोजित नही हैं।

2.4 'रिश्तेदार' शब्द का अर्थ 'रिश्तेदार' के रूप में कंपनी अधिनियम की धारा 2 (77) 2013 में परिभाषित है, कंपनियों के नियम 4 (परिभाषाएँ विवरण की विशिष्टता) नियम, 2014 में पढ़ें।

2.5 "वरिष्ठ प्रबंधन कर्मियों" का अर्थ है कंपनी के कर्मचारी जो अपनी कोर टीम प्रबंधन को छोड़कर बोर्ड के सदस्य हैं।

2.5 'वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक' निदेशक मंडल को छोड़कर कंपनी के वे कार्मिक है जो केंद्रिय प्रबंधन टीम के सदस्य है और इनमे पूर्णकालिक निदेशकों से एक स्तर नीचे के सभी प्रबंधन सदस्य और किसी भी स्तर के सभी प्रकार्यात्मक प्रमुख शामिल होंगे।

2.6 'कंपनी' से तात्पर्य होगा एचपीसीएल

इस संहिता में पुल्लिंग का अर्थ देने वाले शब्दों मे स्त्रीलिंग और एकवचन का अर्थ देने वाले शब्दों मे बहुवचन या उसके विपरीत शामिल होंगे।

3. अनुप्रयोज्यता

3.1 यह संहिता निम्नलिखित व्यक्तियों पर लागू होगी:

  1. सभी पूर्णकालिक निदेशक:
  2. विधि के प्रावधानों के आधिन स्वतंत्र निदेशकों सहित सभी गैर-पूर्णकालिक निदेशक
  3. वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक

4. प्रमुख अपेक्षाएँ

बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक कंपनी के सर्वश्रेष्ठहितों ; को ध्यान में रखते हुए, उनको प्रदान किए गए अधिकार सीमा मे कार्य करेंगे और निम्नलिखित बातों का ध्यान रखेंगे:

  • सावधानी, कौशल, परिश्रम और सत्यनिष्ठा से कार्य करेंगे
  • पूर्ण विश्वास से कार्य करेंगे और अपनी निर्णायक स्वतंत्रता के साथ समझौता किए बिना, न्यासी बाध्यताओं को पूरा करेंगे।
  • ऐसी किसी विषयवस्तु के संदर्भ मे निर्णय लेने में शामिल नहीं होंगे, जिससे मतभेद उत्पन्न हो या उत्पन्न होने की संभावना हो।
  • बोर्ड की पूर्वानुमति के बिना, ऐसे किसी के साथ व्यवसाय नही करेंगे (क) रिश्तेदार या (ख) एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जिसमे स्वयं वह या उनका रिश्तेदार सदस्य या निदेशक हो (ग) एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जिसमे वे या उनके रिश्तेदार 2% से अधिक शेयर हो या मताधिकार हो और (घ) एक ऐसा संस्थान जहाँ उनको रिश्तेदार साझेदार हो|
  • कंपनी से जुड़े किसी भी व्यवसायिक लेनदेन में कोई व्यक्तिगत और या वित्तीय रुचि नही लेगे।
  • ऐसे किसी संविदाकार या आपूर्तिकर्ता के साथ कोई लेनदेन क्रिया नही करेंगे जो व्यवसायिक, निष्पक्षता या प्रतियोगी आधार पर व्यवसायिक लेनदेन में समझौता करे और न हि कंपनी द्वारा लिए जानेवाले निर्णय को प्रभावित करेंगे।
  • किसी भी बाहरी व्यवसायों या अन्य जो कंपनी के हितों के विपरीत हैं उसमें नौकरी अथवा पद पर काम नहीं करेंगे |
  • जब तक अवसरों का पूर्णतया लिखित रुप मे कंपनी के निदेशक मंडल के समक्ष प्रकटन न किया गया हो और यदि बोर्ड ने ऐसे अवसर के प्रयोग के लिए अनुमति न दी हो तो, निगमित संपत्ति, सूचना या पद के प्रयोग से प्राप्त किसी अवसर का प्रयोग निजी लाभ के लिए नही करेंगे।
  • ऐसा कोई विवरण नही देंगे जिनसे कंपनी और हितधारकों सहित जनसामान्य के संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
  • नैतिक भ्रष्टता की प्रकृति का अपराध या विधि के विपरीत या लोक नीति के विरुद्ध कोई कार्य नही करेंगे जिसकी दोषसिद्धि संभव हो।
  • कंपनी के अंदरूनी ट्रेडिंग कोड का पालन करेंगे|
  • कंपनी के व्यवसाय उसके उपभोक्ताओं,आपूर् र्कर्ताओं इत्यादि से संबंधित सभी संवेदनशील सूचना को गोपनीय रखेंगे।
  • जब तक विनिर्दिष्ट रुप से प्राधिकृत न किया गया हो प्रेस या अन्य किसी प्रचार माध्यम के समक्ष औपचारिक या अनौपचारिक रुप से कोई गोपनीय सूचना प्रकट नहीं करेंगे।
  • भौतिक संपत्ति, सूचना और बौद्धिक अधिकारों सहित कंपनी की संपत्ति की रक्षा करेंगे और व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग नहीं करेंगे।
  • इस संहिता के पूर्ण पालन के लिए उत्तरदायी माने जाएंगे।

5. स्वतंत्र निदेशकों का कर्तव्य:

4 कर्तव्य:

स्वतंत्र निदेशक -

4.1 अद्यतन उचित प्रेरण करने के लिए नियमित रूप से और कंपनी के साथ अपने कौशल, ज्ञान और अपनेपन को ताज़ा करें|

4.2 उचित स्पष्टीकरण या विस्तार से जानकारी ले और जहां आवश्यक हो, कंपनी की कीमत पर उचित पेशेवर सलाह और बाहर के विशेषज्ञों की राय ले और उसका पालन करें।

4.3 निदेशक और बोर्ड समितियों जिसमें से वह एक सदस्य है मंडल की सभी बैठकों में भाग लेने के लिए प्रयास करते हैं।

4.4 बोर्ड की समितियों जिसमें वे अध्यक्षों या सदस्य रहे हैं उसमें
रचनात्मक और सक्रिय रूप से भाग लेते हैं|

4.5 कंपनी के सामान्य बैठकों में भाग लेने के लिए प्रयास करते हैं।

4.6 कंपनी के बारे में या एक प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में चिंता है, यह सुनिश्चित करें कि वे हल नहीं कर रहे हैं , तब उसे हल करने के लिए बोर्ड को संबोधित करें और उन्हें बताएं की उनकी चिंताओं को बोर्ड की बैठक के मिनट में दर्ज की गई हैं|

4.7 खुद को अच्छी तरह से कंपनी और बाहरी वातावरण में इसे संचालित बारे में सूचित रखने के लिए।

4.8 विशिष्ट बोर्ड या बोर्ड की समिति के कामकाज में गलत तरीके से बाधा डालनी नहीं चाहिए ।

4.9 पर्याप्त ध्यान देना चाहिए और यह सुनिश्चित करें कि संबंधित पक्ष के लेनदेन का अनुमोदन करने से पहले पर्याप्त विचार-विमर्श करें और खुद को विश्वास दिलायें कि यह कंपनी के हित में हैं।

4.10 सुनिश्चित करें कि कंपनी के एक पर्याप्त और कार्यात्मक निगरानी तंत्र है और यह सुनिश्चित करना है कि एक व्यक्ति जो इस तरह के तंत्र का उपयोग करता है , हितों के प्रतिकूल इस तरह के प्रयोग के कारण प्रभावित नहीं होते हैं |

4.11 अनैतिक व्यवहार, वास्तविक या संदिग्ध धोखाधड़ी या कंपनी की आचरण संहिता के उल्लंघन के बारे में रिपोर्ट है।

4.12 अपने अधिकार के भीतर कार्य, कंपनी, शेयरधारकों और अपने कर्मचारियों के वैध हितों की रक्षा करने में सहायता करते हैं।

4.13 गोपनीय जानकारी का खुलासा नहीं करतें , जिसमें वाणिज्यिक रहस्य, प्रौद्योगिकी, विज्ञापन और बिक्री संवर्धन योजनाओं, अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी शामिल है, जब तक इस तरह के प्रकटीकरण के लिए स्पष्ट रूप से बोर्ड या कानून आवश्यक मंजूरी देती नहीं हैं ।

6. विधि का अनुपालन

बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक सभी लागू कानूनों,नियमों और विनियमों का पालन करेंगे।

7. अन्य निदेशकताएँ

विनिर्दिष्ट अनुमति के बिना, पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक, निदेशक या अन्य किसी पद के रुप में अन्य कंपनी के साथ या किसी भी व्यवसाय से जुड़ी कंपनी के प्रतियोगी के साथ उनके संस्थापन में साझेदार के रुप में कार्य नहीं करेंगे।

8. संबंधित पक्ष प्रकटन

संबंधित पक्ष लेनदेन से संबंधित लेखाकरण मानक 18 के प्रावधानों के अंतर्गत बोर्ड के सदस्य निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक , सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रकटन प्रस्तुत करेंगे।

9. संहिता में संशोधन

कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा समय समय इस संहिता के प्रावधानों मे संशोधन , सुधार किया जा सकता है और ऐसे सभी संशोधन , सुधार उनमें उल्लिखित तिथि से प्रभावी होंगे।

10. संहिता का वेबसाइट पर स्थापन

सेबी के 46 विनियमन (लिस्टिंग दायित्वों और प्रकटीकरण आवश्यकताओं) विनियम, 2015 के अनुसरण में, इस संहिता और किसी भी संशोधन कंपनी की वेबसाइट पर पोस्ट किया जाएगा ।

11. वार्षिक अनुपालन रिपोर्टिंग

यह विनियमन 26 (3) सेबी के (लिस्टिंग दायित्वों और प्रकटीकरण आवश्यकताओं) विनियम, 2015 के संदर्भ में, सभी बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक हर वित्तीय वर्ष की समाप्ति के 30 दिनों के भीतर इस संहिता का पालन करेंगेा। वार्षिक अनुपालन रिपोर्ट का प्रोफार्मा इस संहिता के परिशिष्ट-I के रुप में संलग्न है।हैं । वार्षिक अनुपालन रिपोर्ट कंपनी के सचिव को भेज दिया जाएगा।

12. इस संहिता के गैर- अनुपालन के परिणाम

5.1 गैर- पूर्णकालिक निदेशकों द्वारा इस संहिता के उल्लंघन करने पर
निदेशक मंडल द्वारा आवश्यक समझे जाने पर, आवश्यक कार्रवाई आरंभ की जाएगी।

5.2 पूर्णकालिक निदेशकों और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिको द्वारा संहिता का उल्लंघन होने पर, कंपनी के सीडीए नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

13. संहिता प्राप्ति की पावती

सभी बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक इस संहिता या इसमें किए गए आशोधनों की प्राप्ति की पावती इस संहिता से परिशिष्ट II के रुप मे संलग्न प्रोफार्मा में प्रस्तुत करेंगे और उसे कंपनी सचिव को अवप्रेषित करेंगे।

परिशिष्ट देखें -I , परिशिष्ट देखें-II