पॉवर

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Power

  1. ‘पॉवर’ किस प्रकार काम करता है?
  2. ‘पॉवर’ से परिपूर्ण प्रदर्शन
  3. फायदे
  4. विशेषज्ञों की प्रमाणिकता
  5. ‘पॉवर’ एक ईंधन
  6. ‘पॉवर’ टिप्स

अतिरिक्त पॉवर सुविधाएं जैसे पॉवर हॉलिडेज़, पॉवर घटनाएं और मौज मस्ती और डाउनलोड के लिए ‘पॉवर’ माइक्रोसाइट को फ्लैश में देखिये।


1. ‘पॉवर’ किस प्रकार से काम करत है?

जब कोई नया वाहन खरीदता है तब इसके फ्यूएल-पोर्ट इंजेक्टर्स, इनटेक वॉल्व्स और कंबश्चन चैंबर्स बिल्कुल साफ होते हैं, उनमे जरा भी कुछ जमा नहीं होता। समय के साथ-साथ इंजन के इन हिस्सों में डिपोजिट्स (यानि गंदगी) जमा होने लगते हैं, जिसकी वजह से वाहन का कार्य-प्रदर्शन (परफोर्मेन्स) प्रभावित हो जाता है। आइये हम, विभिन्न प्रकार के डिपोजिट्स पर एक नजर डालते हैं, जो वाहन को सुचारू रूप से काम करने को प्रभावित करता है।

  • पोर्ट फ्यूएल इंजेक्टर्स : पोर्ट फ्यूएल इंजेक्टर्स के ऊपर डिपोजिट्स जमा होना अच्छा नहीं होता, इसके कारण इंग्निशन खराब हो जाता है, खराब निष्क्रियता आ जाती है, और वेग वृद्धि कम हो जाती है और उत्सर्जन ज्यादा होने लगता है।
  • इनटेक वॉल्व्ज और पार्ट्स : यदि कोई ईंधन का इस्तेमाल एडिटिव्स के बिना करता है, तो ठोस और छिद्रपूर्ण डिपोजिट्स ईंधन के हिस्से को स्पंज की तरफ सोख लेते हैं। इस कारॅण ईंधन और जवा का मिश्रण अनुपयुक्त हो जाता है, जो वाहन के कार्य प्रदर्शन के साथ-साथ निकास गैस की कार्बन डाइऑक्साइड के अंश को भी प्रभावित करता है। चरम मामलों में वॉल्व सीट पर के डिपोजिट्स की वजह से वॉल्व ठीक से बंद नहीं हो पाता, जिसके कारण इंजन गंभीर रूप से खराब हो जाता है। इनटेक वॉल्व के डिपोजिट्स हवा के प्रवाह को प्रतिबंधित करते हैं और इसलिए ईंधन की बचन, शक्ति उत्पादन और ड्राइविंग कम्फर्ट पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। .
  • 4) दहन कक्ष (कम्बश्चन चैम्बर) : कम्बश्चन चैम्बर में डिपोजिट्स के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, ऑक्टेन की मांग (ओआरआई) बढ़ जाती है और लुब्रिकेंट की खपत भी बढ़ जाती है। वास्तव में, कम्बश्चन चैम्बर में डिपोजिट्स की वजह से नॉकिंग साउन्ड आने लगती है और साथ साथ ही शक्ति की कमी और एक्सलरेशन भी धीमा हो जाता है। बहुत उन्नत प्रकार के इंजन में “एंटी नॉक सेन्सर” लगे होते हैं, जो बड़ी आसानी से संपीड़ित अनुपात को समायोजित कर लेते हैं। दुर्भाग्य से भारत के नई पीढ़ी के वाहनों में अधिकतर ऐसी सुविधाएं नहीं हैं। हालाँकि एडिटाइज्ड ईंधनों की शुरुवात होने से इन नुकसान को कम किया जा सकता है।


2. “पॉवर” से परिपूर्ण कार्य प्रदर्शन

विशेष रूप से आयातित एडिटिव्स और “पॉवर” का मिश्रण ना केवल मौजूदा डिपोजोट्स को हटाता है बल्कि नये डिपोजोट्स को जमा होने से भी रोकता है। इस वजह से इंजन का हमेशा डिपोजोट्स से मुक्त रहना सुनिश्चित हो जाता है, इसके परिणामस्वरूप इंजन का प्रदर्शन निरंतर रूप से उच्च कोटि का होता है। हालाँकि इससे पहले कि किसी का ध्यान इसके फायदों की ओर जाए, इंजन एक या दो टंकी भर के शक्ति को ले चुका होता है। ऐसा पहले से जमा हुए डिपोजोट्स को निकालने और पूरी तरह से साफ करने के लिए होता है। मगर “पॉवर” के लगातार इस्तेमाल से वाहन का कार्य-प्रदर्शन बेहतर होना सुनिश्चित हो जाता है। “पॉवर” यह सुनिश्चित करता है कि इंजन को जिस प्रकार से डिजाइन किया गया है उसी प्रकार से यह अपने पूरे जीवन काल में काम करता रहे। “पॉवर” यह भी सुनिश्चित करता है कि कई हजार किलो मीटर चलने के बाद भी इंजन की इनटेक प्रणाली एकदम साफ रहे।

कार्बोरेटेड इंजन के लिए भी : वैसे तो “पॉवर” नई पीढ़ी के मल्टी-पोर्ट फ्यूएल इंजेक्शन इंजन के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, यह कार्बोरेटेड इंजन से डिपोजोट्स को कम करने में मदद करता है। फिर भी, यदि आपके पास पुराना वाहन हो तब भी “पॉवर” इसका बेहतरीन उपयोग करने में आपकी मदद करेगा।


3. फायदे

  • इनटेक वॉल्व्स और फ्यूएल इंजेक्टर्स के डिपोजोट्स को निकालता है
  • ऑक्टेन की बढ़ती हुई जरूरत पर नियंत्रण रखता है
  • इंजन में ईंधन का युक्ततम दहन सुनिश्चित करता है
  • वाहन को सुविधाजनक रूप से चलाया जा सकता है
  • आपके वाहन को ज्यादा शक्ति और एक्सलरेशन देता है
  • निकास उत्सर्जन कम करता है
  • इनटेक वॉल्व्ज को चपकने से रोकता है
  • इंजन के नॉकिंग साउंड को कम करता है


4. विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित

पॉवर एचपीसीएल द्वारा नई पीढ़ी के वाहन के लिए शुरु किये गए पैट्रोल का परीक्षण जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय प्रयोगशाला में किया गया है और परिणामों से यह साबित हुआ है कि उनके द्वारा परीक्षण किये गए अब तक के सभी उत्पादों में यह सबसे बेहतर प्रदर्शनकारी ब्रान्ड का पैट्रोल है। प्रयोगशाला द्वारा परीक्षण किये गए बेहतरीन प्रदर्शनकारी पैट्रोल के ब्रान्डों की श्रेणी में “पॉवर” इनके वॉल्व के डिपोजिट्स को कम करता है। किसी भी संदेह से परे प्रयोग ने यह साबित किया कि यदि इंजन को साफ और स्वस्थ रखा जाए तो ‘पॉवर’ की वजा से यह सर्वोत्तम कार्य प्रदर्शन करता है। बेहतर माइलेज, ज्यादा शक्ति और एक्स्लरेशन, साफ इंजन इंजन की लंबी उम्र आदि इसके साथ स्वाभाविक रूप से जुड़े हुए हैं।


5. ‘पॉवर’ एफ ए क्यूज’ (सबसे ज्यादा पूछे जानेवाले प्रश्न)

  1. ‘पॉवर’ किस प्रकार काम करता है?
    समय के साथ-साथ इंजन में डिपोजिट्स बनना शुरु हो जाते हैं। ये डिपोजिट्स इंजन के कार्य को प्रभावित करते हैं और इसलिए इसके कार्य-प्रदर्शन में गिरावट आ जाती है। ‘पॉवर’ में एडिटिव्स होते हैं, जो न केवल मौजूदा डिपोजिट्स को निकालते हैं, बल्कि नये डिपोजिट को बनने से भी रोकते हैं। यह हर समय वाहन के इंजन को डिपोजिट रहित होना सुनिश्चित करता है, इसके परिणामस्वरूप इंजन का कार्य-प्रदर्शन लगातार उच्च कोटि का बना रहता है।
  2. ‘पॉवर’ का प्रभाव मेरे इंजन पर कितने समय में दिखाई देता है?
    ‘पॉवर’ का लगातार प्रयोग इंजन के डिपोजिट्स को साफ रखता है, इसके प्रभावों का अनुभव इससे 2-3 बार टैंक भर जाने के बाद होता है।
  3. टैंक में ‘पॉवर’ के साथ साथ मैं नियमित रूप से अनलेडेड पैट्रोल भरूँ तो क्या कुछ समस्याएं पैदा हो सकती हैं? यह मेरे इंजन को किस प्रकार से प्रभावित कर सकता है?
    ‘पॉवर’ और अनलेडेड पैट्रोल का मिश्रण किसी भी प्रकार से इंजन को नुकसान नहीं पहुँचाएगा। कृपया यह याद रखिये कि ‘पॉवर’ अनलेडेड पैट्रोल ही है, परंतु इसे एडिटिव्ज़ के साथ मिलाने पर आपका इंजन बहुत सामान्य रूप से ही चलेगा।
  4. क्या ‘पॉवर’ एकदम नई वाहन पर काम करेगा?
    एकदम नये वाहन का इंजन डिपोजिट्स रहित होता है। इस प्रकार यह अपने सर्वोत्तम स्तर का कार्य प्रदर्शन देता है। इसलिए ‘पॉवर’ आपके नये वाहन के कार्य-प्रदर्शन में यह सुधार नहीं करेगा। फिर भी ‘पॉवर’ यह सुनिश्चित करेगा कि आपके इंजन में डिपोजिट्स बने ही नहीं, जिससे आपका वाहन का कार्य-प्रदर्शन न बिगड़े। वास्तव में सभी वाहनों की पुस्तिकाओं (मैन्यूएल्स) में एडिटिव्ज के साथ पैट्रोल जैसे ‘पॉवर’ का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।
  5. आसपास ऐसी चर्चा है कि ‘पॉवर’ की वजह से मेरे इंजन में समस्याएं आ सकती है, क्या यह सच है?
    ‘पॉवर’ में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण किये गये हैं और यह सुरक्षित और इसमे अनुमोदित रासायनिक एडिटिव्स शामिल हैं। ‘पॉवर’ के नियमित इस्तेमाल करने से कुछ समय बाद आपके इंजन में जमा हुए हानिकारक डिपोजिट्स खत्म हो जाते हैं। हालाँकि कुछ मामलों में इंजन के हिस्सों में से मिटाए गए डिपोजिट्स फिल्टर में जाकर अटक सकते हैं और इंजन के कार्य प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है। यदि आपको यह पता चल जाए तो सिर्फ इतना करना जरूरी है कि आप अपने वाहन की सर्विसिंग करवा लीजिये और आपका इंजन सर्वोत्तम कार्य प्रदर्शन देने लगेगा।
  6. क्या ‘पॉवर’ इंधन की लागत में वृद्धि करेगा?
    अनलेडेड पैट्रोल की तुलना में ‘पॉवर’ थोड़ा ज्यादा मंहगा है। यदि आप भर हुए टैंक के अनुसार अंतर की गणना करें तो एक्ल बहुत ही मामूली सा अंतर पड़ेगा। और आपके इंजन पर ‘पॉवर’ के प्रभावी होने के बाद आपको बेहतर माइलेज मिलेगा और इसके कारण आपका जो धन बचेगा वह ‘पॉवर’ की थोड़ी सी ज्यदा कीमत के मुकाबले कहीं ज्यादा बराबरी करेगा।
  7. मेरे वाहन के लिए ‘पॉवर’ की तुलना में हायर ऑक्टेन फ्युएल क्या ज्यादा फायदेमंद है?
    जब आपके इंधन में डिपोजिट्स बनते हैं तो इंजन की ऑक्टेन आवश्यकता बढ़ जाती है। इस समय हायर ऑक्टेन फ्यूएल आपके इंजन के कार्य-प्रदर्शन में सुधार लाता है। जबकि ‘पॉवर’के उपयोग के बाद आपके इंजन से डिपोजिट्स साफ हो जाते हैं, इस प्रकार यह आपकी हायर ऑक्टेन फ्यूएल की जरूरत को समाप्त कर देता है।
  8. ‘पॉवर’ वास्तव में काम करता है, इसका समर्थन करने के लिए क्या सबूत है?
    जर्मनी की एक प्रमुख अंतर्राष्टीय प्रयोगशाला में ‘पॉवर’ का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद यह साबित हुआ कि ‘पॉवर’ इनटेक वॉल्व डिपोजिट्स को कम करता है, प्रयोगशाला द्वारा परीक्षण किये गए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकारी पैट्रोल ब्रान्डोंमें से एक है। बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर्स की प्रयोगशालाओं में ‘पॉवर’ के एडिटिव्स के फायदों को प्रमाणित किया गया और अपने वाहनों में इसका उपयोग करने का सुझाव दिया।
  9. क्या ‘पॉवर’ सिर्फ गाड़ियों के लिए है?
    बिल्कुल नहीं, दुपहिया वाहनों में भी ‘पॉवर’ इसी प्रकार से काम करता है, इसके परिणामस्वरूप इनका कार्य-प्रदर्शन भी सर्वोत्तम हो जाता है।
  10. ‘पॉवर’ कहाँ मिलता है?
    पूरे भारत के 400 बाजारों के 1825 क्लब एचपी की दुकानों पर उपलब्ध है।


6. ‘पॉवर’ टिप्स

सुरक्षित ड्राइविंग

  1. एयरबैग के एकदम नजदीक मत बैठिये, वरना दुर्घटना के दौरान यह आपके मुँह पर आ जाएगा। सामने की सीट पर बैठते समय किसी भी नुकिली चीज को न पकड़े, यह एयरबैग को पंचर कर सकता है।
  2. सामने की सीट पर बच्चों को उल्टा नहीं बैठाना चाहिये, एक्सलरेशन या तेजी से ब्रेक लगाने की वजह से उनके आगे पीछे होने के कारण उन्हें चोट लग सकती है। /li>
  3. गति के दौरान सीट/स्टीयरिंग को ठीक न करें। खासकर जब गाड़ी बंप या खड्डे परसे गुजर रही हो तो यह खतरनाक हो सकता है। स्पीड के दौरान सीट/स्टीयरिंग को जल्दबाजी में ठीक करने से दुर्घटना हो सकती है।
  4. ब्लाइन्ड टर्न पर ओवरटेक मत कीजिये क्योंकि आप आनेवाले टैफिक से अनजान होते हैं। किसी बड़े ट्रक या ट्रेलर को ओवरटेक करने से पहले योजना बनाइये।
  5. गाड़ी चलाने से पहले दोनों विंड शील्ड को अखबार से साफ करने का ध्यान रखिये।
  6. ड्राइविंग के दौरान मोबाइल-फोन पर बात मत कीजिये; हस्त-मुक्त यंत्र (हैन्ड्स फ्री ड्राइव) से भी ध्यान भटक सकता है।
  7. यदि आपकी गाड़ी में हैच ब्रेक है तो छत पर बूट मत लादिये। जब आप ओवरटेक करना, मोड़ना या गाड़ी को पार्क करना चाहते हैं तो पीछे की ओर दृश्य शून्य होना खतरनाक है।
  8. चालक के कद और जजमेंट के अनुसार पीछे देखने के दर्पण (रियर ग्लास) को एडजस्ट किया जाना चाहिये।
  9. चौराहों को पार करते समय स्पीड को कम कर दीजिये वरना दुर्घटना हो सकती है।
  10. यह सुनिश्चित कर लीजिये कि टायर में दबाव निर्देशित आंकड़ों के अनुसार ही होना चाहिये। कम या ज्यादा दबाव के कारण या तो टायर फट सकता है या गाड़ी को संभालना मुश्किल हो सकता है य फिर दोनों ही। टायर में सही दबाव की जाँच के लिए ओनर्स मैन्युअल देखिये।

रखरखाव

  1. इंजन ऑइल और ऑइल फिल्टर को बदलना महत्वपूर्ण है; हमेशा निर्माता के द्वारा सुझाए गये ऑइल फिल्टर का उपयोग कीजिये। ऑइल बदलते समय ऑइल फिल्टर को भी बदलिये अन्यथा इंजन में पुराना ऑइल बहता रहेगा।
  2. नियमित रूप से रेडियेटर के कूलेंट को और सही कूलेंट का प्रयोग कीजिये; कुछ को डिब्बों से सीधा पलटा जा सकता है परंतु दूसरों को पानी की निश्चित मात्रा के साथ मिलाया जाता है। वाटर रिजरवियर (पानी के पात्र) को उत्तम स्तर तक मत भरिये, इससे पानी के जैकेट में दबाव बढ़ सकता है और हेड गैस्केट को नुकसान पहुँच सकता है। रेडियेटर और इंजन को जोड़ने वाली रबर की नलियों में होने वाले रिसाव की जाँच कीजिये। ब्रान्डेड रेडियेटर फ्लश फ्लुइड भी काम के हो सकते हैं। गंदगी को निकालने के लिए रेडियेटर फिन्स को धोते समय दबाव डालिये।
  3. आपके ब्रेक एकदम आरंभिक हालात में होने चाहिये। यदि गाड़ी के डैश बोर्ड में ब्रेक लाइट चमकती है तो हूड के नीच रिजर्वियर में ब्रेक फ्लुइड को चेक कीजिये। यदि यह कम है तो हर पहिये के पीछे रिसावों के निशानों की जाँच कीजिये। पार्किंग ब्रेक काम कर रहा है या नहीं इसकी जाँच कीजिये, यदि ऐसा नहीं है तो इसे तुरंत ठीक करवाइये।
  4. केबिन को हमेशा साफ रखिये। सबसे अच्छा विकल्प यह है कि कार डिटेलिंग करनेवाले लोगों तक जाइये और वैक्यूम क्लीनर से आंतरिक भाग की सफाई करवाकर, इसे सुगंधित वैक्स्ड करवाइये।
  5. दरवाजों के कब्जों के पास और रबर डोर गैस्केट के नीचे जंऍग लगने की जाँच कीजिये और जहाँ पर वाइपर-मोटर लगी है उसके फ्लैश चैनल में जंग के धब्बों की जाँच कीजिये। यदि दरारें, छेदों में बदल गई हों, तो एक अधिकृत सर्विस स्टेशन पर जाकर उन्हें भरवाकर रंग चढ़वा लीजिये।
  6. इंजन बे को साफ रखिये और विभिन्न प्रणालियों, वैक्युम पाइप और पंखे के पट्टे आदि के तारों के हार्नेस की जाँच कीजिये।
  7. सस्पेंशन नॉइज को सुनिये; यदि उसमे से असामान्य आवाज आ रही हों पंखे के टूटे-फूटे बुशेज और डैम्पर्स की जाँच कीजिये।
  8. पेशेवर ढंग से अपनी गाड़ी को पॉलिश करवाइये; डिटेलिंग एक्सपर्ट्स (ब्यौरा विशेषज्ञ) आपके गाड़ी के बॉडी पर एक परत चढ़ा देते हैं। हर महीने में एक बार गाड़ी को पॉलिश करवाने से क्षरण प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  9. पहियों की रगड़ की एक समानता को सुनिश्चित करने के लिए सभी पाँचों पहियों का अलाइनमेंट करवाइये। स्पीड को नियमित रूप से जाँचते रहिये। बैटरी में नियमित रूप से डिस्टिल्ड वाटर (आसुत जल) डालते रहिये। बैटरी पुराने हो जाने पर इसकी सेल लाल रंग की हो जाती है। बैटरी पैक में बुलबुले दिखने का मतलब है कि बैटरी को बदलना जरूरी हो गया है। आमतौर पर बैटरी दो से ढाई
    साल तक चलती है, यह इसपर भी निर्भर है कि गाड़ी कितने मील चली है।
  10. टायर दबाव की सिफारिश आंकड़ों के अनुसार किया जाता है सुनिश्चित करें. कम या उच्च दबाव के टायर फटा जा रहा है या अनुचित हैंडलिंग या उपाध्यक्ष प्रतिकूल में परिणाम सकता है. सही टायर दबाव की जांच करने के लिए मैनुअल के मालिक को देखें।

ईंधन की बचत

  1. टैफिक की स्थिति कि हे हिसाब से गाड़ी हमेशा सही आरपीएम और सही गियर में चलाइये। वास्तव में हायर-गियर पर धीमि गति से गाड़ी चलाने में ईंधन की खपत बढ़ जाती है।
  2. अचानक ब्रेक और एक्सलरेशन ईंधन की खपत को प्रभावित करते हैं। आसान, एक्सलरेशन सही तरीके से गियर बदलना और ब्रेक लगने से दक्षता में सहायता मिलती है। दूसरे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने से वाहन चलाना सरल हो जाता है।
  3. गाड़ी के दरवाजे, ईंधन टैंके की कैप या हूड के नीचे निर्दिष्ट सही दबाव को पहिये में बनाए रखिये। अंडर इंफ्लेशन गाड़ी को संभालने में मदद करता है, लेकिन गाड़ी पर पकड़ महबूत हो जाने के कारण ईंधन की कार्य-क्षमता को कम करता है। कभी-कभी आगे और पीछे के पहियों में दबाव अलग-अलग हो जाता है।
  4. मैनुअल में दिये गए निर्देश के अनुसार इंजन ऑइल को नियमित रूप से बदलते रहिये। अच्छी तरह से लुब्रिकेटेड इंजन आसानी से चलता है और ईंधन की खपत कम करता है।
  5. प्रदूषण और मिलावटी ईंधन से ईंधन की खपत बढ़ती है और एयर तथा फ्युएल फिल्टर्स को नुकसान पहुँचा सकता है। नियमित सर्विसिंग इन फिल्टरों को सही रखती है और इनमें गंदगी भी नहीं जमने देती।
  6. एयर-कॉइन का उपयोग करना बड़ा आसान होता है, लेकिन इसको ढलान पर बंद कर दें, नहीं तो यह इंजन पर तनाव डालेगा और ईंधन की खपत को बढ़ा सकता है।
  7. शहर के तुलना में, हाइवे पर गाड़ी में ईंधन की खपत होती है। लेकिन सीमा से परे इसको ढकेलने से ईंधन की दक्षता बाधित होती है। हाइवे पर चलाते समय, एक सुरक्षित और समान गति बनाए रखिये और ओवरड्राइव स्लॉट में डाल दीजिये। एक बार स्पीड आ जाने पर एक्सलेटर पर हल्का सा पैर रखना भी पर्याप्त है। हाइवे पर एक समान गति बनाए रखने से ईंधन की दक्षता बढ़ जाती है।
  8. अत्यधिक सामान या यात्रियों को भरना गाड़ी के कार्य-प्रदर्शन को प्रभावित करता है; गाड़ी को अपनी क्षमता से अधिक काम करना पड़ता है और इसकी दक्षता काफी हद तक गिर जाती है। यात्री और सामान की दक्षता के लिए ओनर्स मैनुअल (मालिक की पुस्तिका) पढ़िये।
  9. ईंधन की गुणवत्ता ही ईंधन की दक्षता को प्रभावित करती है। मिलावट से बचने के लिए एक ही पेट्रोल स्टेशन से पेट्रोल भरवाएँ। खराब ईंधन इंजन में कार्बन डिपोजिट को और घर्षण को बढ़ाता है और ईंधन की दक्षता को अस्थिरता देता है।
  10. गाड़ी के क्लच और ब्रेक को जाँचते रहिये। क्लच को चलाने से ईंधन की खपत बढ़ जाती है और क्लच खराब हो जाता है। ब्रेक के साथ गाड़ी चलाने से इंजन पर दबाव पड़ता है और ईंधन की खपत भी प्रभावित होती है।