रिफाइनरी समीक्षा

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हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ऊर्जा क्षेत्र की विश्‍वस्‍तरीय फॉर्च्यून 500 कंपनी है। एचपीसीएल की मुंबई (पश्चिमी तट) और विशाख (पूर्वी तट) पर क्रमश: 7.5 एमएमटीपीए और 8.3 एमएमटीपीए क्षमता वाली दो रिफाइनरियां हैं, जिसमें एलपीजी, एमएस, एसकेओ, एटीएफ, एचएसडी, बिटूमेन इत्‍यादि जैसे पेट्रोलियम उत्‍पादों की व्‍यापक श्रेणी और भारतीय मानक ब्‍यूरो मानक के अनुसार ल्‍यूब्रिकेंट्स, स्‍पेशिएलिटीज़ और ग्रीस का निर्माण करता है। साल दर साल एचपीसीएल ने अपनी विभिन्‍न उन्‍नयन पहल के माध्‍यम से उत्‍पादन क्षमता में उल्‍लेखनीय वृद्धि की है । ये रिफाइनरियां क्षमता के पूर्ण उपयेाग के लिए जानी जाती हैं और इनका विश्‍वस्‍तरीय निष्‍पादन, राष्‍ट्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में किए जा रहे सफल प्रयासों की नींव है।

मुंबई रिफाइनरी भारत की सर्वाधिक ल्‍यूब उत्‍पादन क्षमता वाली ल्‍यूब आधारित रिफाइनरी है। मुंबई और विशाखापट्टनम स्थित रिफाइनरियों की ऑफसाइट उत्‍पाद संचालन सुविधाओं को स्‍वचलित किया गया है और अनलेडेड पेट्रोल और लो सल्‍फर डीज़ल जैसे हरित ईंधन का उत्‍पादन करने के लिए उन्‍नत किया गया है। एचपीसीएल विश्‍व स्‍तरीय ऊर्जा परिदृश्‍य में भारत के स्‍थान को उपयोगितापूर्ण योगदान करनेवाले के रूप में दर्शाने के लिए प्रतिबद्ध है।

वर्ष 2019-20 के दौरान, मुंबई और विशाख में स्थित एचपीसीएल रिफाइनरियों ने 109% की क्षमता के साथ 17.18 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) का संयुक्त रिफाइनिंग थ्रूपुट प्राप्त किया। मुंबई और विशाख दोनों रिफाइनरियों को बीएस VI अनुकूल परिवहन ईंधन का उत्पादन करने के लिए वर्गीकृत किया गया था और बीएस VI ग्रेड एमएस और एचएसडी को भारत सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार पैन इंडिया आधार पर रोल आउट किया गया था। मुंबई रिफाइनरी ने 478 टीएमटी के साथ उच्चतम एलओबीएस (ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक) उत्पादन हासिल किया। विशाख रिफाइनरी ने एमएआरपीओएल की विनियामक आवश्यकता को पूरा करने के लिए वीएलएसएफओ (0.5% से कम सल्‍फर का बहुत कम सल्‍फर ईंधन ऑयल) का उत्पादन शुरू किया है।